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जुलाई, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

****बाज.****

#बाज़
एक ऐसा पक्षी जिसे हम ईगल भी कहते है दोस्तो।
जिस उम्र में बाकी परिंदों के बच्चे चिचियाना सीखते है. उस उम्र में एक मादा बाज अपने चूजे को पंजे में दबोच कर सबसे ऊंचा उड़ जाती है। पक्षियों की दुनिया में ऐसी Tough And Tight Training किसी भी ओर की नही होती।
मादा बाज अपने चूजे को लेकर लगभग 12 Kmt. ऊपर ले जाती है। जितने ऊपर आधुनिक जहाज उड़ा करते हैं और वह दूरी तय करने में मादा बाज 7 से 9 मिनट का समय लेती है।
यहां से शुरू होती है उस नन्हें चूजे की कठिन परीक्षा। उसे अब यहां बताया जाएगा कि तू किस लिए पैदा हुआ है? तेरी दुनिया क्या है? तेरी ऊंचाई क्या है? तेरा धर्म बहुत ऊंचा है और फिर मादा बाज उसे अपने पंजों से छोड़ देती है।
धरती की ओर ऊपर से नीचे आते वक्त लगभग 2 Kmt. उस चूजे को आभास ही नहीं होता कि उसके साथ क्या हो रहा है। 7 Kmt. के अंतराल के आने के बाद उस चूजे के पंख जो कंजाइन से जकड़े होते है, वह खुलने लगते है।
लगभग 9 Kmt. आने के बाद उनके पंख पूरे खुल जाते है। यह जीवन का पहला दौर होता है जब बाज का बच्चा पंख फड़फड़ाता है।


अब धरती से वह लगभग 3000 मीटर दूर है लेकिन अभी वह उड़ना नहीं सीख पाया ह…

एक नास्तिक की भक्ति

*एक नास्तिक की भक्ति*
हरिराम एक मेडिकल स्टोर का मालिक था। सारी दवाइयों की उसे अच्छी जानकारी थी, दस साल का अनुभव होने के कारण उसे अच्छी तरह पता था कि कौन सी दवाई 💊कहाँ रखी है।
 वह इस व्यवसाय को बड़ी सावधानी और बहुत ही निष्ठा से करता था।

दिन भर उसकी दुकान में  भीड़ लगी रहती थी, वह ग्राहकों को वांछित दवाइयों💊 को सावधानी और समझदारी से देता था।

परन्तु उसे भगवान पर कोई भरोसा नहीं था । वह एक नास्तिक था,उसका मानना था की प्राणी मात्र की सेवा करना ही सबसे बड़ी पूजा है। और वह जरूरतमंद लोगों को दवा निशुल्क भी दे दिया करता था।
और समय मिलने पर वह मनोरंजन हेतु अपने दोस्तों के संग दुकान में लूडो खेलता था।

एक दिन अचानक बारिश🌧 होने लगी,बारिश की वजह से दुकान में भी कोई नहीं था। बस फिर क्या, दोस्तों को बुला लिया और सब दोस्त मिलकर लूडो खेलने लगे।

तभी एक छोटा लड़का उसके दूकान में दवाई लेने पर्चा लेकर आया। उसका पूरा शरीर भींगा था।

हरिराम लूडो खेलने में इतना मशगूल था कि बारिश में आए हुए उस लड़के पर उसकी नजर नहीं पड़ी।

ठंड़ से ठिठुरते हुए उस बच्चे ने दवाई का पर्चा बढ़ाते हुए कहा- "साहब जी मुझे ये दवाइयाँ चा…

उड़न परी। हिमा

#उड़नपरी(हिमा)
अब क्या ही लिखूँ तुम्हारे बारे में उम्र में हमसे छोटी हो इसलिए 'तुम' सम्बोधित किया..मात्र 19 वर्ष और कद इतना ऊचां की हज़ार बार नतमस्तक होने का जी कर रहा।तुम अदभुत हो ,अप्रतिम हो..तुम्हारे बारे में लिखने से खुद को रोक  नहीं पा रहा हूं..भारत के हर घर में तुम्हारी चर्चा होनी चाहिए.. भारत की बेटियों को 'तुम्हें'आदर्श बनाना चाहिए। मन इतना खुश और गदगद तब ही हुआ था जब पी.वी. सिंधु मेडल जीत कर और अपने खुद के सीनियर खिलाड़ी जिसे वो खुद दिदी कहकर बुलाती है बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल को हराकर साबित किया था कि ये है भारत..नया भारत..सम्भावनाओं से परिपूर्ण भारत।।

आज यू ट्यूब पर वो वीडियो देख रही थी जिसमें तुमने 6 ठा मेडल जीता था...वो अंग्रेज़ कॉमेंटेटर बार बार लगातार चिल्ला रहा था उस अमेरिकन चैंपियन का नाम लेकर लेकिन अचानक वो गला फाड़कर चिल्लाने लगा..शायद उसे अपने आंखों पर भरोसा ना हो रहा होगा..वो बोला-"the indian athletic hima das..She can see the line..She can see the history..Oh my god.. Brilliant..Back to back..,gold medal...Here is the indian champion athlete h…