सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

धर्म( २ )

धर्मदोस्तों आप सभी को हमारी तरफ से सादर प्रणाम
सलाम है आप हमारे इस धर्म ज्ञान को पढ़ा समझा
उसके लिए कोटि कोटि नमन.
अगर इन लेखों में कोई त्रुटि हो भावना ,धर्म  आदि 
के कारण आप सभी को ठेस पहुंची हो तो
उसके लिए हम क्षमा चाहता हूं। क्यों कि  लेख मै
अपने चालीस साल के तजुर्बे से लिख रहा हूं ।
ना कि किताबी ज्ञान के कारण इस लिए मैं फिर से आप सभी से क्षमा मांगता हूं।
इस लेख में मै आप को बताऊंगा कि हमें धर्म क्या 
क्या दिया है और हमारा भारत क्यों श्रेट है।
आप सभी को मालूम हो कि हिन्दू कोई धर्म नहीं है
बस इसे हमें दूसरों को प्रभावित करने के लिए एक सोच 
है जिसे महान लोगों ने किताबों में लिख कर हमारे दिमाग 
में डाल दिया है और धर्म नाम को अलग तरीके से परिभाषित 
कर दिया है ।
धर्म क्या है ......
धर्म मानव जाति एक कर्म प्रधान जीवन है
जिसे हम मानव धर्म कहते हैं और ए मानव
धर्म हमारे कर्म नामक शब्द से प्रकाशित
होता है और ए कर्म हमें जिस योनि में मिलते हैं उन्हें इसका अनुपालन करना होता है और उसी अनुपालन को हम धर्म कहतें हैं।
संसार में एक जानवर से लेकर पेड़ जल आकाश वायु सभी 
कर्म का अनुपालन कर अपना धर्म निभा रहें हैं।
अगर अपने कर्म का अनुपालन ओ जाति नहीं कर रही है 
जिसे हम मानव जाति के नाम से जानते हैं ।
जिसे प्रकृति ने भी इस जाति को श्रेष्ठ माना है और ईश्वर ने इन प्रकृति का राजा यानि , तीसरा कर्म प्रधान राजा इस मानव जाति को प्रदान किया है और इस जाति को सनातन धर्म के नाम से एक पहचान दिया है,,,,
पूरे संसार को भारत एक ही सूत्रों  में इस लिए पिरोया है क्यों कि ए सनातन धर्म की सं्कृति की उत्पत्ति यहीं से हुई है
आप सभी को आज भी कहीं कहीं जहां धर्मिक अनुष्ठान 
या जब कोई गांव शहर भागवत (गीता) सुनता है तो शाम को या जब कभी उसको अगले दिन केलिए विराम देता है तो
अंत में ओ पंडित वहां पर मौजूद समस्त लोगों के साथ
इस स्लोक का अनुसरण जरूर करता है जो इस प्रकार 
  
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।
 सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत् ॥ - 

                               अर्थात

"सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।
ये शब्द (स्लोक ) आप को इस भारत भूमि में ही सुनने को मिलेंगे  
दोस्तों आज के लिए इतना ही आगे हम आप को बताएंगे
कहां से हम अलग अलग हुए और आज हम ऐसा क्यों हैं
कि हमें अपने धर्म  का ज्ञान नहीं है 
क्यों हम विपरीत दिशा में जा रहें हैं 
और आज इन परिस्थितियों में अपने आप को अष हाय
महसूस कर रहे हैं,


टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Covid19.mhpolice.in

Covid19.mhpolice.in

Bollywood, Hollywood, actor IRFAAN KHAN

Irfan khan परिचय (introductions) पूरा नाम , साहेबजादे   इरफ़ान अली खान जिसको आसान भाषा में फिल्म जगत में इरफ़ान खान से जाना गया । इरफ़ान खान एक मुस्लिम परिवार  जयपुर में एक मध्यम परिवार पठान जाति में  पैदा हुए । भारत का वो जयपुर  शहर जिसे गुलाबी सिटी के नाम से भी जानते हैं । इनकी जीवन साथी का नाम सुतापा सिकंदर है को  कालेज के दिनों से इनकी साथी रहीं। इनके आज दो बच्चे हैं जिनका नाम बाबिल और अयान है । इनके पिता का नाम जहांगीर खान  जो टायर का कारोबार करते थे  लगभग १९७७ में जन्में इस महान व्यक्ति 53 साल 29/04/2020 में स्वर्गवास हो गया आज Bollywood का ये  सितारा दुनिया को अलविदा कह गए  भगवान इनकी आत्मा को शांति दे । इरफ़ान खान की परिवारिक जिंदगी (Irfan Khan's family life) इरफ़ान खान की family Life बहुत ही साधारण थी  अपने किशोर अवस्था इन्होंने घर पर ही पढ़ाई पूरी  की इनके पिता  कभी कभी मजाक में इनको इरफ़ान पंडित भी कहकर बुलाते थे। क्यों कि ये मुस्लिम परिवार में होकर नहीं  मांस, नहीं खाते थे। इनका पूरा जीवन शहाकरी व्यतीत किया। उनकी दिली तमन्ना थी

Nathu ram godse

सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने पर प्रकाशित किया गया  60 साल तक भारत में प्रतिबंधित रहा नाथूराम गोडसे  का अंतिम भाषण -