प्रलय (कलयुग)



क्या है प्रलय ?

प्रलय वो शब्द है जो खुद एक प्रश्न है जिसका प्रमाण हमारे धर्म ग्रंथो में भिन्न भिन्न तरह से दिए गए हैं
कुरान में इसको कयामत का नाम दिया गया है 
जिसका वर्णन एक सत्य घटनाओं की पुनरावृत्ति
जैसा किया गया है ।
जो सुनने में ऐसा लगता है कि ऐसे ही दुनियां खत्म होगी
सनातन धर्म में इसका वर्णन एक ग्रंथ के द्वारा भगवान 
श्रीकृष्ण द्वारा गीता के उपदेश नाम से है ।
जिसमें पाप ,पुण्य के आधार पर इस सृष्टि 
के चरण बध्य तरीके से बताया गया है ।
कहते हैं परिवर्तन हमारे जीवन का एक हिस्सा है।
उसी तरह पृथ्वी का परिवर्तन भी उसका एक हिस्सा 
है जो एक समय आने पर उसका परिवर्तित होना 
निश्चय है और इस परिवर्तन को चार भागों में
विभाजित किया गया है जिसे हम सतयुग , द्वापर, त्रेता,
और कलयुग बताया गया है । तीन युग तो चले गए 
४था कलयुग जिसमे हम सब जी रहें हैं।
शायद हमारे सनातन संस्कृति में उन चार वेदों में 
इसका वर्णन हो और प्रलय का सटीक अर्थ बताया गया हो  हमे उसकी जानकारी नहीं है ।
क्यों की गीता का उपदेश सबसे पहले भगवान विस्नु ने 
मां लक्ष्मी को दिया था ।
पर आज हम इस प्रलय शब्द का अर्थ निकलते हैं तो 
एक प्रश्न खड़ा कर देता हैं।



प्रलय की परिभाषा।।।।

प्रलय, कयामत अगर इन दोनों शब्दों का विभाजन करते हैं तो प्र+लय, कया+मत और जब इनका अर्थ निकलते हैं तो हम खुद इसमें एक प्रश्न बन जाते हैं 
उस प्रलय का हमारे ज्ञान से पृथ्वी के विनास का प्रश्न 
कोई नहीं प्रमाण के साथ देता है कि ये कब और कैसे 
होगा और यही वजह है कि हम कहते हैं जिंदगी क्या भरोसा कल क्या होगा ।
इसका प्रमाण आज हम खुद देख रहे हैं इस समय हम चांद पर जाकर भी एक बीमारी कोरो ना का इलाज 
करने में असफल हैं । कब प्रकृति का प्रकोप आ जाए हमें 
या हमारा विज्ञान उस संकट को भापने में असमर्थ है
इस समय हम या हमारा विज्ञान सिर्फ अनुमान लगाने 
में ही बड़े से बड़े मशीनों का आविष्कार कर देता है 
पर कुदरत के इस कदम को आज हम जानने में विफल 
इसलिए हैं क्योंकि हमने अपने कर्मो , धर्मो में रुचि लेना
कम कर दिया ।
जो हमारे वेदों ,ग्रंथो में प्रकृति के बारे में बताया गया है
और उन सीमाओं में हमें सीमित रहकर जीवन यापन 
बताया गया है और अगर हम ईश्वर के अस्तित्व उनकी रचनाओं से खिलवाड़ किया है तो उसका परिणाम
हम आज अपनी आंखो से देख रहें हैं ।
इसलिए हमारी जिंदगी और मौत दोनों हमें कब आए जाए 
हमें कुछ नहीं मालूम 
हम अपने ही जीवन में इतने मसरूफ हैं कि प्रकृति के 
इशारों को हम समझ ही नहीं ही नहीं पा रहे हैं।
उसी तरह इस प्रलय को को भी प्रश्न बना कर रखा है ।
कयामत क्या है????
कयामत मुस्लिम समुदाय का पृथ्वी के अंत का एक 
शब्द है जिसका वर्णन उनकी किताब कुरान में 
ये बताया गया है कि कयामत के दिन दुनिया के सारे लोग मुसलमान हो जाएंगे इस दिन मुर्दे अपनी कब्रो से जिंदा हो जाएंगे ।
पृथ्वी पर आग के गोलों की बारिश होगी 
लोग कनवा जाज्जाल के गुलाम होंगे 
ये उनके शैतानी राजा का नाम है
लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाएंगे 
चारों तरफ चोरी गुलामी का माहौल होगा
फिर हमारे नबी आएंगे 
उनसे कनवा जाज्जल से युद्ध होगा  नबी हमारे 
विजय प्राप्त करेंगे और शैतान उनका गुलाम 
बन जाएगा । मुर्दे जाग उठेंगे और उसी कयामत के दिन 
सबका हिसाब किताब होगा।
सब नबी पर ईमान लाएंगे 
और फिर कायनात (पृथ्वी) की रचना होगी 
इसमें भी ये नहीं बताया गया कि ये दिन कब आएगा 
सभी मुसलमान अपने कुरान के सहारे जिंदगी जीते हैं 
पर आज तक इसका हल किसी नहीं निकला
इससे कैसे बच सकते हैं  
अगर आप लोगों के पास कोई सुझाव हो तो हमें जरूर दें
धन्य वाद,,,,,,
अगर किसी को कोई ठेस पहुंची हो तो उसके लिए हम
माफी चाहेंगे 

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