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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Heroes in Lockdown

Sonu sood baiografy कुछ आर्मा अभी हैं बाकी ,  कुछ कदम चलना अभी है बाकी। किस, किस के साथ चलु मै  कुछ कदमों को उनके मंजिलों  पर पहुंचाना अभी है बाकी।। कहने को तो पर्दे पर  हर किरदार में खलनायक हू मै पर मरने से पहले नायक  के  किरदार में जीना है बाकी ।। मेरे जाने के बाद बच जाएगी  मेरे हिस्से की कुछ खुशी  बस उसे अपनो में बिखेरना है बाकी ।। ये पंक्तियां उस शक्स को कुर्बान जो इस २०२० के कोरोना Covid 19 के महामारी में अपने काम से हर दिल में एक जगह बना ली चाहे वो बड़ा , बुजुर्ग , बच्चा , अमीर , गरीब जो भी हो आज उस उस इंसान को फिल्मों में उसके खलनायक के किरदार को असल जिंदगी में नायक के रूप में याद कर रहा है  और वो ना ही किसी नेता का बेटा ,ना ही कोई बहुत बड़ी हस्ती  बस फिल्मों मै साइड रोल निभाने वाला एक इंसान है । पर कहते हैं इरादे मजबूत हो तो दिल में कुछ अच्छा करने का जज्बा हो तो दुनियां की सारी दुखें , अर्चने, उसके आगे बाउनी  हो जाती हैं । हम बात कर रहे हैं दबंग के छेदी सिंह , सोनू सूद की  जिसने covid 19 के महामारी में उन मजदूरों , लाचार लोग

www.irctc.co.in jankari

Indian railways Indian railways Indian railways 1june2020 से indian railways ne india के प्रमुख  शहरों से २०० ट्रेनें चलाने के फैसले के बाद कुछ अहम  Gideline यात्रियों के लिए जारी किया है । जिसका पालन कर के ही आप ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं । 22/05/20200 से online टिकट मिलना शुरू हो गया है  आप अगर यात्रा करना चाहते है तो आप www.irctc.co.in पर जाकर टिकट बुक कर सकते हैं आप रेलवेे के ऑफिसियल  ऐप के जरिए भी टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए आप को रेलवेे के website per जाकर  अपने अकाउंट बनाना होगा फिर आप ऐप को डाउन लोड कर के मोबाइल के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं ।  आप ऐप को प्ले स्टोर से डाउन लोड कर सकते हैं । अकाउंट बनाने के लिए आप के पास मोबाइल नंबर  एड्रेस प्रूफ जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग , लाइसेंस , आदि का होना जरूरी है । आप रेलवेे के indian railways website  Per जाकर अपना अकाउंट रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं । कुछ चुनिंदा रेलवेे स्टेशन  पर ही 23/05/2020 से टिकट विंडोज चालू हुआ है । जिसको ऑनलाइन टिकट नहीं निकाल सकते वो अपने शहर के नजदीकी रेलवे स्टेशन पर ज

Eid ( Islamic festival)

इस्लाम धर्म में Eid का महत्व (Importance of Eid in Islam)  इस्लाम धर्म में Eid का उतना ही महत्व है , जितना कि इस धर्म में  जुम्मे की नमाज और कुरआन का महत्व है । वैसे तो इस्लाम धर्म में खासकर तीन  त्योहारों जैसे मोहर्रम , बकरीद, और ईद का ज्यादा महत्व है ,  सही मायने में देखा जाए तो ईद ही इस्लाम का एक ऐसा त्यौहार है जिसे सभी धर्म के लोग पसन्द करते हैं जैसे हिन्दू में dipawli, ईसाई में क्रिसमस, सिक्ख ,धर्म में प्रकाश पर्व को सभी धर्म के लोग पसन्द करते हैं। दुनियां में धर्म को  ऐसे तरीके से निर्माण किया गया है कि  इस सृष्टि का संतुलन बना रहे और यही कारण है कि  उन धर्मो के द्वारा मनाए जाने वाले पर्व भिन्न, भिन्न प्रकार से मनाए जाते हैं । जिसमे कुछ सभी धर्मो को पसंद आते हैं और कुछ पर्व, अन्य धर्म को पसंद नहीं आते हैं। जैसे कि इस्लाम के बकरीद , मोहर्रम अन्य धर्म के लोगों को ईद। के मुकाबले कम पसंद किए जाते है क्यों कि ईद एक भाईचारे , सौम्य , का त्योहार है । इस दिन सभी मुसलमान अपने देश में रह रहे अन्य समुदाय के  लोगों ,दोस्तों से ईद की। मुबारक बाद देते हैं और ख

Ayurveda life

Ayurveda life style Ayurveda Ayurved ke bare me kuch जानकारियां।।।।।। प्राचीन भारत में आयुर्वेद  पद्धति द्वारा बड़ी से बड़ी बीमारियों का इलाज किया जाता था । आज हम अगर एलोपैथिक दवाओं के आगे उस पद्धति को  भूलते जा रहे हैं तो ये हमारी सबसे बड़ी भूल है । क्यों कि उस एक भूल के कारण हम प्राकृतिक वनस्पतियों  को धीरे धीरे नाश करते जा रहे हैं। क्यों की अयुर पद्धति में जितनी भी बीमारियों का इलाज  होता है ओ प्रकृति वनस्पतियों , जड़ी बूटियों से बनाई हुई  दवाओं से ही होता है । आयुर्वेद के दवाओं के सेवन में रोगी को  अपने दैनिक जीवन। में कुछ चीजों को परहेज करने की जरूरत होती है तथा  बीमारी के हिसाब से समय थोड़ा ज्यादा लगता है । पर  आयुर्वेदिक उपचार से रोगी का रोग जड़ से समाप्त भी हो  जाता है । हमारे देश में वैदिक काल से ही इस पद्धति का उपयोग  होते आ रहा है धनवंतरी को आयुर्वेद का जन्म दाता कहा जाता है , चरक संहिता, में हर एक बीमारियों और उनके इलाज। के बारे में बताया गया है जो आज भी कुछ संतो , आचार्यों , और आयुर्वेद डाक्टरों ने इस पद्धति को जीवंत रखा है । आज

Nation first (देश पहले

Nation first क्या है????? Nation first 2000 word's in hindi artical …. हम जिस  जगह पर रहते हैं  जहां से हमारे पूर्वज हुए  जिनके जात वर्ण व्यवस्था से अपनाजीवन यापन करते थे उसका एक पहचान , भाषा , बोली होती होती थी जो हमें उन से ही उस पहचान , भाषा , मिली और हमें जीने का  एक नजरिया प्रदान किया, और हमें उस वर्ण व्यवस्था  और उस जगह जहां हम रहते हैं उस एक नाम दिया  जिसे हम देश बोलते हैं । ऐसे ही संसार में इस धरती पर सैकड़ो देशों का निर्माण  हुआ और उन देशों का अपना, अपना , एक इतिहास  रहा है उनमें से एक देश का नाम भारत है जहां हम  रहते है , जिसके नाम से हम पहचाने जाते हैं । जिस से हम इज्जत और प्यार हमें मिलता हैं । हम इतिहास में भी अपने देश को बचाने के लिए हजारों लोगों ने अपनी कुर्बानियां दी हैं  ऐसा हम किताबों ,कहानियों से  हमें जानकारी मिलती है । इसलिए हमारे संस्कारों , में हमेशा ये बात बताया जाता हैं  कि जिससे हमारी एक पहचान विश्व में मिला हैं । हम उनके कर्ज दार हैं जिन्होंने हैं आजादी दिलाई  इस लिए हर काम से पहले अपने  देश को संभालना  हिफाज