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Nation first (देश पहले


Nation first क्या है?????


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हम जिस  जगह पर रहते हैं  जहां से हमारे पूर्वज हुए 
जिनके जात वर्ण व्यवस्था से अपनाजीवन यापन करते थे उसका एक पहचान , भाषा , बोली होती होती थी जो हमें उन
से ही उस पहचान , भाषा , मिली और हमें जीने का 
एक नजरिया प्रदान किया, और हमें उस वर्ण व्यवस्था 
और उस जगह जहां हम रहते हैं उस एक नाम दिया 
जिसे हम देश बोलते हैं ।
ऐसे ही संसार में इस धरती पर सैकड़ो देशों का निर्माण 
हुआ और उन देशों का अपना, अपना , एक इतिहास 
रहा है उनमें से एक देश का नाम भारत है जहां हम 
रहते है , जिसके नाम से हम पहचाने जाते हैं ।
जिस से हम इज्जत और प्यार हमें मिलता हैं ।
हम इतिहास में भी अपने देश को बचाने के लिए हजारों लोगों ने अपनी कुर्बानियां दी हैं  ऐसा हम किताबों ,कहानियों से 
हमें जानकारी मिलती है ।
इसलिए हमारे संस्कारों , में हमेशा ये बात बताया जाता हैं 
कि जिससे हमारी एक पहचान विश्व में मिला हैं ।
हम उनके कर्ज दार हैं जिन्होंने हैं आजादी दिलाई 
इस लिए हर काम से पहले अपने  देश को संभालना 
हिफाजत करना हमारा first priority hai
इसलिए nation first   बाकी सब काम बाद में ।
जरूरी नहीं एक सैनिक बन कर ही इस nation first
का कर्तव्य निभाएं हम जो भी काम कर रहे हैं
या जिस भी काम से जुड़े हैं उस काम में रहकर भी
हम इस nation first का रिश्ता निभा सकते हैं।
दुनियां में आज भी ऐसे कई देश हैं जो आज भी 
अपने देश को। दिलों जान से चाहते हैं जो अपने देश के 
लिए सब कुछ लुटा देते हैं उनके में एक देश मेरा भारत
भी है जहां तेरह भाषाएं बोली जाती हैं और हर दस 
किलोमीटर बाद लोगों का रहन सहन भाषा में बदलाव
पाया जाता है जहां खाने से लेकर पहनावा तक भिन्न भिन्न
होते हुए भी सब के दिलों में एक ही आवाज निकलती 
हैं वो है nation first 
इस हिंदुस्तान में nation first को 
हर एक हिंदुस्तानी जो जहां हैं अपने , अपने तरीके से इसको परिभाषित करता हैं और अपने  कर्तव्य का पालन करता हैं 
भारत के इस ,nation first 
 की कुछ झलकियां यहां आप को पढ़ने को मिलेगा जिसे आप
जान पाएंगे कि हम भारतीय इस nation first को किस अंदाज में पेश करते हैं।


 सेना ( army)


Nation first  का पालन का सबसे पहले नाम अगर आता है तो ओ हमारे सेना का नाम है ।
भारतीय सेना दुनियां की एक ऐसी सेना हैं को अपने देश का 
प्रति अपनी जान कुर्बान करने में जरा भी हिचकिचाती नहीं 
हैं । इस सेना के इतिहास में कई युद्ध के जानकारी से हमें 
इनकी देश के प्रति समर्पण कितना है इस बात का पता 
हमें चलता है यही नहीं अगर हमारी सेना दूसरे देश  के लिए 
भी अगर युद्ध किया है तो उस देश के प्रति nation first
का ही सोच लेकर युद्ध लड़ी है इसका जीता जागता उदाहरण 
18 वी शताब्दी में इजरायल के लिए युद्ध का लड़ना है।
हमारे देश का युवा अगर सेना में भर्ती होता है तो ओ 
इस लिए नहीं होता कि नाम होगा , वो इसलिए होता 
है कि उसकी दिल में देश के प्रति मर , मिटाने का एक जज्बा 
होता है जो वो सेना में जाकर देश को देता है । और अपने 
परिवार , घर की सुख सुविधाओं को छोड़ कर सरहद पर 
सीना ताने देश की  हिफाजत करता है क्यों कि उसके लिए 
Nation first ही  सबसे बड़ा कर्तव्य होता है।
इतना ही नहीं देश में अगर कोई भी विपत्ति या परेशानियां 
आती है तो हम लोगो की मदद के लिए सेना ही सबसे आगे आती है ।
देश की अखंडता , रक्षा में nation first का दाईत्व में सेना 
का ही नाम सबसे ऊपर आता है और उनसे ही देश की जनता 
को इस अखंडता से सीख मिलती है । कि पहले देश बाकी सब
बाद में ।

राजनीति (politics)

Politics देश का एक वो तंत्र है जो देश को एक दिशा देने 
का काम करता है जो चाहे तो देश को कंगाल भी कर सकता है 
और अगर चाहे तो एक संपन्न देश भी बना सकता है ।
अगर एक संपन्न , शसक्त देश बनाना है तो उस राजनीतिक 
दल को nation first का praorty सबसे पहले follow 
करना होगा । क्यों कि सेना , इतिहास के उस fridam fiter
से देश की जानता के दिल में nation first  का 
जज्बा पहले से ही जगा रहता है और ओ अपने देश के लिए 
सब कुछ लुटाने को हर पल तैयार रहता है पर आज की 
राजनीति के खेल को देख कर ओ भी सोचने पर 
मजबूर हो जाता है ।
इस लिए अगर इतिहास देखें तो राजनीति ही देश को तोड़ने , और जोड़ने का और लोगों में nation first के प्रति 
जागरूक करने का अहम योगदान दिया है ।
आज भी हमारे देश में जब भी कोई प्रकृति आपदा , या किसी देश से तल्खी हो जाती है तो राजनीति में पछ, विपछ सब 
एक हो जाते है और एक साथ मिल कर अपने देश के लिए काम करते हैं।
 इस लिए nation first के लिए देश का राजनीति भी 
एक अहम भूमिका निभाता है ।

धर्म  (religion)

Nation first का में धर्म religion का भी बहुत महत्व पूर्ण 
योगदान है धर्म वो सीढ़ी जो देश के लोगों को एक पहचान
भाषा प्रदान करता है और  धर्म भी हम सब को पहले देश 
फिर dharm की परिभाषा सिखाता है । क्यों कि उस 
धर्म को भी मालूम है कि देश रहेगा तभी हमारा धर्म 
का भी वजूद रहेगा ।
आज हमारा देश बारह धर्मो में बट कर भी देश केलिए 
एक ही सुर में आवाज देता , वो सुर है 
Nation first 
आज  दुनियां हमारे बारे में सोचने पर मजबूर हो जाती है कि 
इतने पंथों में बटने पर भी भारत एक कैसे है ?
जहां  सभी धर्मो के लोग सेना मै बढ़ चड़ कर भाग लेते हैं ।
और अपने देश की रक्षा के लिए अपने धर्म को भी कुर्बान 
करने को तैयार रहते हैं। और एक सुर में एक ही बात 
कहते हैं ।
मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिंदी हैं हम, हिंदी हैं हम
हिंदुस्तान हमारा ।।


Company (कारोबार)


देश की अर्थ व्यवस्था के लिए देश की ही कंपनी का होना 
एक तरह से nation first के लिए बहुत मायने रखती हैं।
जब कंपनी अपने देश में किसी वस्तु का उत्पादन करती है और 
जब उसकी क्वालिटी सही होती हैं तो लोग उसे पसंद करने लगते हैं तब उसकी पहचान उस देश से मिलती हैं जिस 
देश का वो बना होता है।
क्यों की ओ कंपनी अपने देश के लिए पैकिट पर made in india, लिखती है जिससे पता चलता है कि यह समान 
भारत का बना हुआ है।
बड़ी ,बड़ी कंपनियां जब देश में कोई महामारी , प्रकृति आपदा
में लोगों, और सरकार के मदद में बहुत बड़ा योगदान देती हैं।
क्यों की उनके लिए देश सर्वोपरि होता है।
Tata,birla,Wipro,rilance,  जैसे कंपनी भारत जैसे देश की मिसाल हैं।
इस तरह nation first को कंपनी अपनी पहली praorty
मानती है।


किसान (FARMER,)


जिस तरह सेना अपने देश के लिए nation first पहली praorty मानती है उसी तरह देश का किसान भी अपने 
देश nation first  को अपना पहला उद्देश्य मानता है ।
ये बात हमें अपने देश में देखने को भी मिलता ।
क्यों कि किसान ही एक ऐसा समूह है  जो हर ऋतु सर्दी,
गर्मी, बारिश, को सहन कर अपने देश के लिए उस अनाज को 
पैदा करता है जिसकी जरूरत सरहद पर लगे उस सैनिक से लेकर कंपनी के row material, और हमारी दैनिक जीवन
में इस्तेमाल होने वाले, दूध दही, सब्जी, चावल, गेहूं दाल
तेल आदि किसान ही पैदा करता है
जिससे हम और आप जिंदा रहते हैं।
इस लिए अगर सही मायने में देखा जाए तो किसान हम और आप  से बढ़कर nation first को praorty देता है 
अगर देश की शान हमारे देश की सैनिक 
है तो देश की सम्मान हमारा किसान है ।
हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय lal bhadur shastri
ने देश के लिए   जय जवान।  जय किसान, का नारा दिया था।
जिसे हम आज भी इस नारे को सम्मान पूर्वक याद करते हैं।
क्यों कि शास्त्री जी ने कहा था जिस तरह देश का जवान 
सरहद पर रह कर देश की सेवा करता है , उसी तरह 
हमारे देश का किसान हमारे पेट को भर कर देश की 
सेवा करता है । इस लिए जितना सम्मान अपने देश का करते हैं।
उतना ही सम्मान हमें अपने देश के सैनिक और किसान 
का करना चाहिए। इस तरह nation first का पालन 
देश का किसान वैसे ही निभाता है जिस तरह एक सैनिक 
निभाता है,।।।।।।।।


विद्यार्थी (STUDENT,S )


हर देश का आने वाला कल , देश का भविष्य उस देश 
का विद्यार्थी होता है जो अपने पढ़ाई के हुनर से इंजीनियर,
नेता, ऑफिसर वैज्ञानिक , बनकर देश की सेवा और 
बाहर देशों मै अपने देश का नाम रोशन करता है ।
काम सुविधाओं के होने के बावजूद भी हमारे देश 
का विद्यार्थी , चाहे वो किशोर अवस्था हो या युवा पीढ़ी हो 
पूरे विश्व में अपने देश को एक नई बुलंदियों पर पहुंचाया 
है ।
आज google, , से लेकर maicro कंपनी के ceo
हमारे देश के ही व्यक्ति हैं ।
विद्यार्थी जीवन जहां उनको देश के प्रति सेवा ,समर्पण 
का ज्ञान दिया जाता है उन्हें उस योग बनाया जाता 
है जिस योग में उनकी रुचि , और वो निपुढ़ होते हैं 
फिर आगे चल कर वो nation first का पालन 
बड़े ही शान से करते हैं और अपने देश का नाम रोशन
करते हैं।
लाल बहादुर शास्त्री, मदन मोहन मालवीय, आर्य भट्ट, जगदीश
चंद बसु, होमी जहांगीर भाभा, अटल बिहारी वाजपेई,
अब्दुल कलाम आदि वो लोग हैं जो  विद्याध्ययन कर के 
अपने आप को उस मुकाम पर पहुंचा या और अपने 
देश का नाम रोशन किया कि आज देश का हर विद्यार्थी 
इन महापुुषों के रास्तों पर चलने की प्रेरणा लेता है।
इसी विद्यार्थी जीवन में ही इन नवजवानों में देश के प्रति 
समर्पण की भावना पैदा होती है और वो सेना में भर्ती होता है।
आज हमारे देश में साठ प्रतिसत वो युवा वर्ग है जो देश के लिए 
मर मिटाने को हमेशा तैयार रहती है। जो अपने फर्स्ट praorty 
Nation first को देती है ।

फिल्म (film,s)


Nation first in hindi film,s
फिल्म देश की जनता को nation first के जागरूक 
में बहुत सहायक होती है ।
जब देश nation  ya किसी देश के क्रांतिकारी पर फिल्म का निर्माण होकर लोगों के बीच पेश होता है तो लोगों को 
फिल्म देख कर उनको देश के प्रति समर्पण की एक अलग ही 
भावना उत्पन्न होती है । क्यों कि फिल्म में की गई अदाकारी 
भाषा  शैली देश भक्ति गीत, बच्चों से लेकर बड़े , बुजुर्ग,
पढ़े लिखे, अनपढ़, सभी को बड़े आसानी से समझ में 
आती है और देश के प्रति उनके मन में nation first ki
ज्योति जागृति हो उठती है।
हम फिल्मों के जरिए , लोगों को देश के प्रति कई तरह 
से उनको जागरूक करने का प्रयास किया जाता है ।
देश में महामारी , साफ सफाई, सरकार के प्रति जानकारी 
अलग अलग प्रांतों की रहन, सहन, भाषा,बोली, धर्म,
की जानकारी हमें ज्यादा तर फिल्मों  के माध्यम से प्राप्त 
होती है ।
जब हम फिल्मों के जरिए अपने देश के इतिहास के उन महापुुषों का जो देश को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान 
कर दी , उनकी कहानी को। हम। देखते हैं तो हमारा 
रोम , रोम, रोमांचित। हो। जाता है और हम एक। पल। केलिए 
सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आज से सैकड़ों साल पहले
उन महापरूषों ने देश के लिए इतना। कुछ किया तो। हम। क्यों नहीं कर सकते।

संस्कार (sacraments)

जब देश में रह रहे लोगों में आने वाले पीढ़ी के प्रति या कहें 
अपने बच्चों के प्रति सही उच्च संस्कार की शिक्षा प्राप्त 
रहेगा तो आने वाला कल पहले nation first के 
बारे में पहले सोचेगा ।
क्यों कि संस्कार ही एक ऐसा शिक्षा है जो स्कूल, कालेज 
के पहले बच्चा अपने परिवार , मां , बाप, से ग्रहण करता 
है और जब उसके संस्कार में देश के प्रति समर्पण की भावना
अपने मां ,बाप से बचपन में मिलती है तो वो बच्चा 
बड़ा होकर वहीं काम करता है जो उसके देश के हित में होता है 
सही मायने में कहें तो हमारा देश संस्कारों में हमेशा आगे रहा है 
चाहे कोई भी युग हों ।
मर्यादा पुरुषोत्तम राम, कृष्ण, महाभारत जैसे  उदाहरण 
हमारे देश में ही मिलते है और हम उनकी कहानियों, को सुनके 
पढ़कर ही बड़े होते हैं और देश के प्रति nation first ko
पहली प्राथिमकता dete हैं जैसा उन महा पुरषों ने अपने समय काल में किया था ।







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