सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पोस्ट

जून, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Health Care

Saliva (लार)


लार इंसान या जानवर के मुख से निकलने वाले वो द्रव्य जिसे हम थूक के नाम से भी जानते है हमारे भारत में इसके फायदे के बारे में लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते पर बाहर के देशों में  लार का इतना महत्त्व है के ये बाजारों में ५ से लेकर १० डॉलर  तक बिकता है । जानवरों के लार को अनेक बीमारियों के दवाइयों के बनाने में  उपयोग किया जाता है । लार मानव के शरीर से निकलने वाला एक प्रकार चिपचिपा  पदार्थ है जो शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है  हमारे किताबों और जीवन में लार पर अनेक कहावत पढ़ने और  सुनने को मिलता है । जैसे कि किसी चीज को देख कर लार टपकना, हमारे आयुर्वेदा में लार के कई फायदे बताए गए हैं । लार के कुछ फायदों की कुछ जानकारी आपको यहां पढ़ने को  मिलेगा जिससे आप उनका प्रयोग करके अपने जीवन को स्वस्थ रख सकते हैं।

 Saliva (लार) के फायदे,,,,,
लार के तो बहुत सारे फायदे हैं जिनमें से कुछ फायदों का  वर्णन यहां किया गया है जो इस प्रकार है।
(१)   अगर सुबह बासी मुंह गर्म पानी पीते हैं तो वो पानी          हमारे लार को पेट के अंदर लेजाकर  हमारे पाचन तंत्र           को मजबूत करता है ।
(२)  सुबह सुबह उठने के …

Healthtips (अमरूद)

अमरूद (पेरू) के बारे में कुछ जानकारिया भारत में आम की तरह अमरूद भी बहुत प्रसिद्ध है । अमरूद साल में दो बार आते हैं , कुछ तो साल भर फल देते हैं। जिसे हम बरोमासी भी कहते हैं । भारत में अमरूद की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमे से सफेदा, लौखनऊ,४९ इल्लहबादी,सफेदा, अर्का, एप्पल कलर, मृदुला, ललित आदि इनके अलावा हम थाईलैंड के अमरूद की कुछ जिसमे भारत में उगाते हैं। अमरूद का फल ज्यादा तर एक ही हरे रंग के होते हैं । अमरूद के अंदर का भाग दो रंगो में पाया जाता है । एक जो भुरा और दूसरा गुलाबी रंग का होता है , उपर से तो ये  हरे रंग के है ही होते हैं । पकने के बाद इनका रंग पीले , हल्का पीला रंग का हो जाता है  ये फल अधिकतर १०० ग्राम से लेकर २०० ग्राम तक के पाए जाते हैं जिनमें किस्म के हिसाब से इनके अंदर बीज होता है  १०० ग्राम समान अमरूद के फल में २० से २५ ग्राम बीज पाया जाता है । आज के समय में तो हाई ब्रीड के अमरूद २ से ३ किलो के  हो रहे हैं और उनमें ५० से १०० ग्राम ही बीज होते हैं। अमरूद भारत के अधिकतर भागो में आसानी से मिल जाता है।  भारत में अमरूद को अलग अलग प्रांतों में कई नामों से पुकारा जाता है महाराष्ट्र में…

China and India

क्यों होता है चीन। और भारत में तनाव ???


भारत में जब भी विकास के लिए कोई  रूप रेखा तैयार किया जाता है सेना और जनता के लिए बार्डर पर कोई सड़क या हवाई पट्टी बनाई। जाति है चीन उनका अंदर ही अंदर विरोध  करने लगता है और अपने झूठे पन से भारत को अपना हिस्सा  बता कर दुनियां का ध्यान अपनी तरफ खींच कर ये साबित कर ना चाहता है कि पूरे वर्ल्ड में अपना ही राज्य है । चीन की ताना  शाही शासन अपने देश के जनता के साथ  जो धोखा देती आ रही है उसी तरह बार्डर पर भारत के साथ  भी धोखा देते आ रही है। भारत ही नहीं वियतनाम , ताइवान , हांगकांग , ऐसे कई देश है  जिसको चीन  अपने देश में मिलाने की कोशिश कर उनपर अपना  संविधान थोपने की हर समय कोशिश करता रहता है । आज चीन हर चीज को बनकर भारत जैसे कई देशों को  उनके दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले अस्सी प्रतिशत सामानों का निर्यात कर अपने ऊपर निर्भर कर हर समय  अपना हक और अपने सैनिकों के दम पर धमकियां देता रहता है । भारत और चीन के तनाव आज से नहीं  सदियों से चली आ रही है। महात्मा बुद्ध के समय में जब तिब्बत के लोग उनके अनुयाई  तब भी चीन के राजाओं से तनाव हुआ था बाद में  चीन के शासक और लोग भी  …

Diprestion (तनाव)

क्या है diprestion????

Diprestion एक तरह की मनुष्य का मानसिक रोग है  ये कोई नई बीमारी नहीं है ये सदियों से चली आ रही है  आज से सैकड़ों साल पहले भी मनुष्य किसी बात , अनहोनी  या किसी अपनो के मृत्यु के कारण डिप्रेशन में चला जाता था  और अपने प्राण तक त्याग देता था । या फिर वो पागलों जैसा  बर्ताव करने लगता था । फर्क इतना है कि पहले जमाने में हजारों में एक दो ऐसे  रोगी मिलते थे पर आज के समय में सौ के चालीस लोग आपको मानसिक तनाव के रोगी मिलेंगे । आज जो हम थोड़ी , थोड़ी बातों में गुस्सा कर अपना माथा  खराब कर लेते हैं । घर में बात, बात पर अपनी से लड़ाई झगड़ा करना , अपने  आमदनी को लेकर भविष्य कि चिंता करना ऐसी कई  वाजाहयें है जिसको हम diprestion कहते हैं, जो एक ऐसी बीमारी है जिसका शिकार होने पर आदमी कब मौत को गले लगा ले , या फिर पागल हो जाए कोई नहीं जानता । इस लिए सारी बीमारियो से खतरनाक मनुष्य का मानसिक रोगी होना है ।
क्यों होता है diprestion????Diprestion दो तरह के होते हैं  (१)      जो जन्म से ही मानसिक रोग से ग्रस्त होता है , जो गर्भ में ही शरीर के कुछ नशों का विकसित ना होने के कारण होता है । जिसको हम मंद बु…

Faimly relation (परिवारिक संबंध)

परिवारिक संबंध के बारे में कुछ जानकारी

आज के युग में परिवारिक रिश्ते  बस नाम के रह गए हैं  कहते हैं आज से  कुछ साल पहले एक सयुक्त परिवार में अगर एक परिवार में दस  ,बारह लोग रहते और उनका पालन पोषण करने वाला परिवार का एक ही मुखिया होता था जो उस पूरे परिवार को संभालता था पर आज ऐसा नहीं है अपने बचपन के समय की बात बता रहा हूं हमारे परिवार में में हमारे पिता अकेले ही थे हम सब का भरण पोषण करने वाले उसके बाद हम दो भाई उस परिवार का हिस्सा हुए , जैसे , जैसे हम  बड़े होते गए हमारे सामने तरह , तरह की तकलीफें पैदा  होती गईं और आज हम उन तकलीफों से इतने गिर गए कि आज अपने परिवार में मानसिक तनाव से ग्रस्त अपने भाई को  खो दिए आज अपने ही परिवार की घटनक्रमों का विस्लेशन करता हूं तो कई खामियों को पाता हूं जिसका ज़िक्र मै इस लेख में करने जा रहा हूं । इसपर आप आत्म चिंतन कर के  अपने परिवार को एक नई दिशा दे सकते हैं

संयुक्त परिवारों में फुट का कारण संयुक्त परिवारों में आज फुट का मुख्य कारण आज की जीवन शैली और लोगों का अपनी संस्कारों से दूर होते जाना है  भारत ही एक ऐसा देश है जिसके हर  हर गूढ़ में एक रिश्ते का  नाम और प…