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English history अंग्रेजी समुदाय


कौन हैं ये अंग्रेज 

हमारे भारतीय संस्कृति में अंग्रेजो का इतिहास उस समय से रहा है जब दुनियां का एक हिस्सा भगवान शिव के तांडव 
से समुद्र के समाहित हो गया । क्यों कि उस समय धरती पर 
मै पन की अभिलाषा बहुत बढ गई थी लोग प्रकृति को छोड़ 
अपने ही मै पन। में लगे हुए थे । चारो तरफ त्राहिमाम , त्राहिमाम मचा हुआ था ।
उस समय शिव जी ने उस समय धरती को बचाने के लिए 
उस भाग का अंत कर दिया था जिसको आज हम अंटार्कटिका 
महासागर के नाम से जानते हैं जिसके सबूत आज भी उस ट्रायंगल में मौजूद हैं ।
कहा जाता है उस ट्रायंगल से जो भी जहाज या व्यक्ति उसके आस पास से भी होकर गुजरता है वो लापता हो जाता है ।
जिसका पता आज की साइंस भी नहीं लगा पाई कि ऐसा क्यों होता है।
हिन्दू धर्म के ग्रंथो में इन सबका उल्लेख मिलता है और उन स्वेत धारियों को हम आज अंग्रेज के नाम से जानते हैं 
हमारे भारत में इसे बरतानिया के नाम से भी इन अंग्रेजो को जानते हैं ।

अंग्रेजो का इतिहास

अंग्रेजो का इतिहास एक हमारे धार्मिक ग्रंथो में मिलता है 
दूसरा कुछ इतिहासकारों ने इनके बारे में कई तरह से तर्क 
दिए हैं ।
इतिहसकारों के व्याख्यान में अंग्रेजो की जो  व्याख्या की गई है 
वो हमारे ग्रंथो से भी मिलता जुलता है ।
कुछ इतिहास कारो का मानना है कि दुनियां में एक देश ऐसा भी था जहां हम इंसानों ने ओ सारी चीज़ों का आविष्कार कर लिया था जिसमें हमें प्रकृति से कोई लेना देना नहीं था ।
उस देश के लोग सभी भौतिक सुखों से परी पूर्ण थे ।
किसी को कोई भी काम नहीं करना पड़ता , सबके पास 
एक  मशीनरी (रोबोट) नौकर होता था जो सभी काम कर देता था लोग अपने दुनिया में ही रोबोट के साथ व्यस्त रहते थे ।
और ये लोग और कोई नहीं ये अंग्रेज ही थे । जिनका इतिहास 
आज तक कोई नहीं जान पाया ,पर ये अपने आप को दुनियां के सामने एक नारी को महारानी बनकर पूरे विश्व पर राज किया । आप हिन्द महासागर, से लेकर प्रशांत , महासागर ,
अमेरिका , फ्रांस , जर्मनी , यूरोप , आदि। सभी देशों पर राज 
किया , ये सब तब   हुआ जब इनका खुद का देश समुद्र में 
समाहित हो गया , कुछ इतिहास कार ये दावा करते हैं कि 
इन्होंने ईश्वर से भी बढ़कर ऐसी , ऐसी चीजों का आविष्कार कर लिया था कि ये ईश्वर की बनाई हुई , सूरज, चांद को भी 
भूल गए थे , इनके राज्य के बाहर एक मंदिर होता था ।
पर समय बदले के साथ वहां कोई नहीं जाता था और ना ही 
कोई कर्म कांड , या ईश्वर के बारे में सोचता था , ये लोग अनाजों को त्याग कर सिर्फ , दवाओं के सेवन से जीवित रहते थे , पर एक दिन ऐसा हुआ सभी लोग शाम के समय राज्य के बाहर मंदिर से एक धमाका हुआ , चारो तरफ धुआं धुआं
हो गया और कुछ पल। में ही वहां के लोग घर द्वार , सब 
जमीदोज हो गए । इन सब का उल्लेख हिन्दू धर्म के ग्रंथो में 
मिलता है उसी के आधार पर ये अनुमान लगाया गया है कि 
वहां अंग्रेज लोग ही थे ।

अंग्रेजो की सल्तनत जाने के बाद भी ये जिंदा कैसे बचे ?

इतिहास पढ़ने के बाद हर किसी के मन में ये सवाल आता है कि अंग्रेजो की सल्तनत समाप्त होने के बाद ये पूरी दुनियां में 
राज कैसे किए ।
कहते हैं कि जब इनका राज समुंदर में समाहित हुआ तब जो भी अंग्रेज समुंद्र में जहाजों पर थे और जो व्यापार करने दूसरे देशों में गए थे ओ इस घटना से बच गए थे , क्यों कि इनका 
ज्यादा तर दूसरे देशों से व्यापार करने का काम था ।
बचे हुए व्यापारी अंग्रेज जब अपने देश लौट रहे थे फिर उस जगह अपने देश को ना पाकर ये पूरी दुनियां में अपने शहर 
को खोज ने लगे इस तरह व्यापार के बहाने दूसरों देश ये राज्यों 
में फुट डालकर राज करने लगे , इस तरह आज भी ये उस दुनियां को पाने की कोशिश करते रहते हैं जिस दुनियां में 
रहा करते थे।
यही कारण है हम जब भी किसी भी देश के इतिहास के पन्नों को खोलते हैं तो उसमे कहीं ना कहीं इन अंग्रेजो का जिक्र आता है 
इस तरह  हम को भी कानून या सभ्यता के आदि हो चुके हैं ये 
उन्ही अग्रेजों की देन है ।
उनका बस एक ही मत है अगर किसी देश पर राज करना है तो सबसे पहले उनकी सभ्यता , संस्कृति , पर चोट करो फिर उनको आपस में लड़ाओ  । उसके बाद अपनी संस्कृति फैला कर उन पर राज करो ।
जो आज भी हो रहा है हमारे देश में जो भी कानून बना ओ अंग्रेजो की ही देन है 
आज हिन्दू ,मुस्लिम बटवारा कहें या लड़ाई ये सब उन्हीं की देन है ।
 ब्रिटिश देश अंग्रेजो का  आज की तारीख में उनका अपना 
एक देश है जहां ओ हमारी संस्कृति को तोड़ कर अपनी संस्कृति को आज भी जिंदा रखे हुए है ।
महारानी एलिजाबेथ की परंपरा को आज भी ओ कायम रखें हैं 
दुनियां की महाशक्ति अमेरिका जो कोई भी फैसला करता है 
ओ बिना ब्रिटिश सरकार के मस्वारा के बिना नहीं करता 
आज कहने तो खाड़ी देशों में उनका अपना कानून चलता है पर 
व्यापार पूरा अंग्रेजो का चलता है 
इस तरह हम आजाद हो कर चैन की सांस ले रहे हैं अगर ऐसा 
सोच रहे हैं तो हमारी भूल है हम अंग्रेजो से आजाद हैं 
उनके कानून से नहीं और ना ही उनके सभ्यता से 
यही कड़वी सच्चाई है ।




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