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संस्कृति बचाव (रितु राठौर)

परिचय अनेक पुस्तकों की रचयिता रितु राठौर का नाम  भारत ही नहीं पूरे देश ,विदेश में प्रशिद्ध है । आज कल अनेको ट्रस्टों एवम सामाजिक कार्यो।में सम्लित होकर अपने वक्तव्य को लोगों तक पहुचाती  हैं । उनका बेबाक अंदाज ,वाणी लोगों के दिलों पर  एक छाप छोड़ कर जाती हैं । रितु राठौर भारत के धर्म ,संस्कृति ,को बचाने और  उनकी गरिमा को बनाये रखने के लिए हमेशा  प्रयासरत रहती हैं । इस लेख में इन्फिनिटी फाउंडेशन चैनल शो में मेजबान के तौर पर दिए गए भाषण में उन विचारों को  लिखा गया है जिससे आप सब को एक नई दिशा  मिल सके और कुछ धर्म ,अपने कर्म के ज्ञान को जान सके । रितु राठौर की जुबानी   नमस्ते !  मैं रितु राठौर हूं आज आप सभी के सामने  इस इन्फिनिटी फाउंडेशन चैनल शो के जरिये  अपने बात आप सभी के सामने रखने का मौका मिला है इसके लिए आप सभी को तहे दिल से धन्यवाद । हमारी तरह ऐसे कई कार्यक्रम विभिन्न लोगों द्वारा होस्ट किया जाएगा।   और प्रत्येक व्यक्ति का अपना स्वरूप, अपनी शैली, अपना व्यक्तित्व हो सकता है।   आप जानते हैं प्रत्येक मेजबान, प्रत्येक शो होस्ट तैयार करेगा

Isha kriya (yoga life)

परिचय ईशा क्रिया एक योग की भांति है । जिसका मार्गदर्शन ईशा फाउंडेशन के आध्यात्मिक  गुरु जग्गी वासुदेव ने किया है जो साउथ भारत  के बहुत ही प्रशिद्ध गुरु हैं । जग्गी वासुदेव जो ईशा के नाम से प्रशिद्ध हैं  जिनका भारत मे ही नहीं बाहर के देशों में भी जाना जाता है । इस लेख में उन्हीं के द्वारा दिये हुए आध्यात्मिक ज्ञान  का एक हिस्सा ईशा क्रिया की व्याख्या किया हुआ  है । ईशा क्रिया का परिचय  ईशा क्रिया हर रोज अभ्यास के लिए एक शक्तिशाली आध्यात्मिक प्रक्रिया है । ईशा क्रिया ग्रह पर हर इंसान को आध्यात्मिकता की कम से कम एक बूंद की पेशकश करने के लिए एक आंदोलन का हिस्सा है।    ड्रॉप के आकार को कम मत समझो।   एक बूंद अपने आप में एक महासागर है।   यह सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली उपकरण है।   हम आशा करते हैं कि आप इसे अपने जीवन को छूने और बदलने की अनुमति देते हैं और इसे अधिक से अधिक शेयर कर सकते हैं।    ईशा का अर्थ है, जो सृष्टि का स्रोत है।   क्रिया का अर्थ है उस के लिए एक आवक क्रिया।   कर्म का अर्थ है बाहर की क्रिया।    यदि आप अपने शरीर, या अपने मन,

Hinduism

ब्रह्मा,विष्णुऔर भगवान शिव के पिता कौनहैं???

संस्कारो की कमी

 परिचय माँ ,बाप और उसके बेटे की आपस मे उस कौतूहल ,नोक झोक का हिस्सा है जो हमारे या पड़ोसी के परिवार में आज कल अक्सर देखने को मिलता है । आज के परिवार में अपने बेटे को पढ़ाने के बजाय  पैसे कमाने में लगा देना चाहते हैं । क्यों कि आज का माहौल हम ऐसे ढाल दे रहें हैं कि  हमारा बच्चा पैदा होते ही हमारे कमाई का जरिया  हो जाय ऐसे हमारी थॉट हो गई है । इसी संदर्भ में हम माँ ,बाप और उनके बच्चे के  बातों को लिख कर इस ब्लॉग के जरिये  आप सब के पास पहुँचा रहें हैं । जिसको पढ़ कर आप उससे कुछ सीख सकते हैं। माँ, बाप और बेटा बेटा….. मैं स्कूल नहीं जाना चाहता, माँ   माँ….  अच्छे लड़के स्कूल जाते हैं।  जब आप स्कूल से वापस आएंगे ... मैं आपको कैंडी दूंगी। पिता…. अच्छा बच्चा!  आपका फोन आपके लिए कमाई करेगा  बेटा….  आपको कैसे मालूम?  मैं वास्तव में फोन से कमा रहा हूं।  एमपीएल के साथ। पिता…..  मैंने आईपीएल के बारे में सुना है।  यह एमपीएल क्या है।   बेटा…. जैसे क्रिकेट में IPL है, मोबाइल गेमिंग में यह MPL App है।  इसमें गेम खेलने के लिए लीग हैं।  कि आप उन्हें कभी भी खेल